Monday, September 7, 2026

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आईटीआई परीक्षा की बेहतर तैयारी

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Number System: Binary, Decimal, Octal, Hexadecimal Number Conversion aur Logic Gates Basics

ITI Electrician Number System & Logic Gates Notes in Hindi | Binary, Decimal, Octal, Hexadecimal Conversion & Logic Gates Basics

ITI Electrician Number System & Logic Gates Notes in Hindi: Binary, Decimal, Octal, Hexadecimal Conversion & Logic Gates Basics
(संख्या प्रणाली और लॉजिक गेट्स: बाइनरी, डेसिमल, ऑक्टल, हेक्साडेसिमल कन्वर्जन और लॉजिक गेट्स)

डिफिटल इलेक्ट्रॉनिक्स (Digital Electronics), कंप्यूटर प्रणालियों और माइक्रोकंट्रोलर आधारित नियंत्रण सर्किट्स को समझने के लिए Number Systems (संख्या प्रणाली) और Logic Gates (लॉजिक गेट्स) का बुनियादी ज्ञान होना अनिवार्य है। ITI Electrician Trade Theory के अंतर्गत यह एक महत्वपूर्ण और स्कोरिंग टॉपिक है।

इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम बाइनरी, डेसिमल, ऑक्टल और हेक्साडेसिमल नंबर सिस्टम, उनके आपसी रूपांतरण (Conversions) तथा बुनियादी लॉजिक गेट्स के सिद्धांतों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

1. Number System क्या है? (What is a Number System?)

किसी भी संख्या को लिखने और प्रदर्शित करने के गणितीय तरीकों को Number System कहा जाता है। डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में विभिन्न प्रकार की संख्या प्रणालियों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें उनके Base (आधार) या Radix द्वारा पहचाना जाता है।

Major Number Systems in Digital Electronics (प्रमुख संख्या प्रणालियाँ)

1. Decimal System (Base 10) – Digits: 0 to 9
2. Binary System (Base 2) – Digits: 0 and 1
3. Octal System (Base 8) – Digits: 0 to 7
4. Hexadecimal System (Base 16) – Digits: 0 to 9 and A to F

2. Types of Number Systems (चार मुख्य संख्या प्रणालियाँ)

1. Decimal Number System (Base 10)

यह हमारी दैनिक जीवन की सामान्य गणना प्रणाली है। इसमें कुल 10 अंक (0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9) होते हैं। इसका आधार 10 होता है।

2. Binary Number System (Base 2)

यह डिजिटल कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक्स की मूल भाषा है। इसमें केवल दो अंक (0 और 1) होते हैं। इसका आधार 2 होता है।

3. Octal Number System (Base 8)

इसमें कुल 8 अंक (0 से 7 तक) होते हैं। कंप्यूटर मेमोरी एड्रेसिंग में इसका उपयोग किया जाता है। इसका आधार 8 होता है।

4. Hexadecimal System (Base 16)

इसमें 0 से 9 तक के अंक और A से F तक के अक्षर (जहाँ A=10, B=11, C=12, D=13, E=14, F=15) होते हैं। इसका आधार 16 होता है।

3. Number Conversions (संख्या रूपांतरण विधियाँ)

डिजिटल सर्किट्स और परीक्षाओं में अक्सर एक नंबर सिस्टम से दूसरे में बदलने के प्रश्न पूछे जाते हैं:

  • Decimal to Binary Conversion: डेसिमल संख्या को लगातार 2 से भाग (Successive Division by 2) देकर शेषफलों (Remainders) को नीचे से ऊपर लिखने पर बाइनरी मान प्राप्त होता है।
  • Binary to Decimal Conversion: बाइनरी संख्या के प्रत्येक अंक को दाहिने से बाएं क्रमशः 2 की घात (2⁰, 2¹, 2², 2³…) से गुणा करके जोड़ने पर डेसिमल मान मिलता है।
  • Binary to Octal Conversion: बाइनरी अंकों को दाहिनी ओर से 3-3 के जोड़े (Groups of 3 bits) में बांटकर हर जोड़े का ऑक्टल मान लिखा जाता है।
  • Binary to Hexadecimal Conversion: बाइनरी अंकों को दाहिनी ओर से 4-4 के जोड़े (Groups of 4 bits) में बांटकर हर समूह का हेक्साडेसिमल मान लिखा जाता है।
Decimal (आधार 10) Binary (आधार 2) Octal (आधार 8) Hexadecimal (आधार 16)
0 0000 0 0
5 0101 5 5
10 1010 12 A
15 1111 17 F

4. Logic Gates Basics (लॉजिक गेट्स की बुनियादी जानकारी)

Logic Gates ऐसे इलेक्ट्रॉनिक स्विचिंग सर्किट होते हैं जो बाइनरी इनपुट (0 और 1) पर तार्किक संक्रियाएँ करके एक निश्चित बाइनरी आउटपुट देते हैं। डिजिटल प्रणालियों के निर्माण में ये सबसे छोटी और महत्वपूर्ण इकाइयाँ हैं।

AND Gate

बुलियन व्यंजक: Y = A · B
आउटपुट तभी ‘1’ होता है जब सभी इनपुट ‘1’ हों।

OR Gate

बुलियन व्यंजक: Y = A + B
आउटपुट तब ‘1’ होता है जब कोई भी एक इनपुट ‘1’ हो।

NOT Gate (Inverter)

बुलियन व्यंजक: Y = A’
यह इनपुट का उल्टा आउटपुट देता है (0 का 1 और 1 का 0).

NAND & NOR Gates

इन्हें यूनिवर्सल गेट्स कहा जाता है जिनसे कोई भी डिजिटल सर्किट बनाया जा सकता है।

Basic Logic Gates Truth Table (मूल लॉजिक गेट्स ट्रूथ टेबल)

Input A Input B AND (Y = A · B) OR (Y = A + B) NAND (Y = (A · B)’) NOR (Y = (A + B)’)
0 0 0 0 1 1
0 1 0 1 1 0
1 0 0 1 1 0
1 1 1 1 0 0
ITI CBT Exam Important Question (महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न):

बाइनरी संख्या प्रणाली (Binary Number System) का आधार (Base / Radix) कितना होता है?

Answer: Base 2 (जिसमें केवल दो अंक 0 और 1 होते हैं)

5. Common Faults and Troubleshooting (सामान्य दोष और निवारण)

Fault / Problem (दोष) Possible Causes (संभावित कारण) Troubleshooting Steps (निवारण के चरण)
Digital IC Output Stuck IC का आंतरिक गेट खराब होना, ओवरवोल्टेज या शॉर्ट सर्किट लॉजिक प्रोब से इनपुट और आउटपुट सिग्नलों की जाँच करें, खराब IC बदलें।
Floating Binary Input इनपुट पिन को खुला छोड़ देना जिससे अनिश्चित वोल्टेज स्टेट बनती है अप्रयुक्त पिन को पुल-अप या पुल-डाउन रेसिस्टर से जोड़ें।
Conversion Errors गणितीय गणना में आधार (Base) की घातों का गलत उपयोग कन्वर्जन के नियमों (जैसे 2 या 16 से भाग/गुणा) की पुनः जाँच करें।

6. Applications (अनुप्रयोग / उपयोग)

  • Computer & Microprocessors: सभी डिजिटल डेटा प्रोसेसिंग और बाइनरी गणनाओं में।
  • Industrial Automation: पीएलसी (PLC) और माइक्रोकंट्रोलर आधारित कंट्रोल सर्किट्स में।
  • Digital Displays & Counters: डिजिटल घड़ियों, काउंटर्स और डिस्प्ले डिकोडर्स में।
  • Communication Systems: डेटा एनकोडिंग और डिकोडिंग प्रणालियों में।

7. ITI Electrician Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)

  • Binary Base: Base 2 (Digits 0 and 1).
  • Decimal Base: Base 10 (Digits 0 to 9).
  • Octal Base: Base 8 (Digits 0 to 7).
  • Hexadecimal Base: Base 16 (Digits 0-9 and Letters A-F).
  • Universal Gates: NAND and NOR can implement any Boolean function.

8. Conclusion (निष्कर्ष)

Number Systems और Logic Gates डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स की नींव हैं। ITI Electrician के छात्रों को विभिन्न संख्या प्रणालियों के आपसी रूपांतरण और बुनियादी लॉजिक गेट्स के बुलियन व्यंजकों की पूरी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।

यह टॉपिक CBT Exam, ट्रेड थ्योरी परीक्षाओं और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स प्रैक्टिकल के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।