ITI Electrician Types of Electrical Joints aur Wires Joining Methods: Complete Notes in Hindi
ITI Electrician Types of Electrical Joints Master Notes in Hindi:
Wires Joining Methods Complete Guide
(विद्युत जोड़ों के प्रकार और तार जोड़ने की विधियाँ – संपूर्ण मार्गदर्शिका)
विद्युत वायरिंग और संस्थापन के दौरान दो या दो से अधिक चालकों (Conductors) को आपस में मजबूती और अच्छी चालकता के साथ जोड़ने की प्रक्रिया को Types of Electrical Joints and Wires Joining Methods (विद्युत जोड़ और तार जोड़ने की विधियाँ) कहा जाता है। ITI Electrician Trade Theory और कार्यशाला अभ्यास (Wiring practice) के अंतर्गत यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यावहारिक टॉपिक है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम विभिन्न प्रकार के विद्युत जोड़ों (जैसे मैरिड जॉइंट, टी-जॉइंट, वेस्टर्न यूनियन जॉइंट), उनकी विशेषताओं तथा सोल्डरिंग के साथ उनके संयोजन का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction to Electrical Joints (विद्युत जोड़ों का परिचय)
किसी भी वायरिंग सर्किट में तारों को आपस में जोड़ने का मुख्य उद्देश्य निरंतर विद्युत प्रवाह (Continuous electrical path) बनाए रखना है। एक अच्छा विद्युत जोड़ वह माना जाता है जिसमें यांत्रिक शक्ति (Mechanical strength) उच्च हो ताकि वह खिंचाव सहन कर सके, तथा जिसका विद्युत प्रतिरोध (Electrical resistance) न्यूनतम हो ताकि जोड़ पर स्पार्किंग या ओवरहीटिंग न हो।
Core Objectives of a Good Joint
2. Major Types of Electrical Joints (विद्युत जोड़ों के प्रमुख प्रकार)
वायरिंग की आवश्यकता और स्थान के अनुसार विभिन्न प्रकार के जोड़ों का उपयोग किया जाता है:
1. Rat-Tail Joint (पूंछनुमा जोड़)
जंक्शन बॉक्स (Junction box) और स्विच बोर्ड के भीतर तारों के सिरों को आपस में मोड़कर बनाया जाने वाला सामान्य जोड़।
2. Married Joint (मैरिड जोड़)
स्ट्रैंडेड तारों (Stranded wires) के लिए उपयोग होने वाला मजबूत जोड़ जो ओवरहेड लाइनों में खिंचाव सहन कर सकता है।
3. Western Union Joint
टेलीग्राफ और ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनों में लंबी दूरी के तारों की लंबाई बढ़ाने (Extension) के लिए प्रयुक्त।
4. T-Joint (टी-जोइंट)
मुख्य लाइन (Main line) को बिना काटे उससे एक नई शाखा (Branch line) निकालने के लिए उपयोग किया जाने वाला जोड़।
3. Detailed Description of Wire Joints (विभिन्न जोड़ों का विस्तृत विवरण)
- Rat-Tail Joint (Pigtail Joint): इसमें दो तारों के इंसुलेशन हटाकर उनके नंगे सिरों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर प्लायर से आपस में कसकर मरोड़ दिया जाता है। इसका उपयोग सीलिंग रोज या जंक्शन बॉक्स में होता है।
- Married Joint: स्ट्रैंडेड कंडक्टर (जिसमें कई पतले तार होते हैं) के तारों के स्ट्रैंड्स को खोलकर आपस में इंटरलॉक किया जाता है और फिर प्रत्येक तार के सिरे को मुख्य भाग पर लपेटा जाता है ताकि मोटाई न बढ़े।
- Western Union Joint: इस जोड़ में दो ठोस चालकों के सिरों को क्रॉस करके एक-दूसरे के चारों ओर टाइट स्प्रिंग की तरह लपेटा जाता है। यह बहुत अधिक यांत्रिक खिंचाव (Tensile stress) सहन कर सकता है।
- Britannia Joint: दो अलग-अलग या समान मोटाई के भारी ओवरहेड तारों को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता है जिसमें एक पतले बाइंडिंग वायर से मजबूती दी जाती है।
| Joint Name (जोड़ का नाम) | Primary Application (मुख्य उपयोग क्षेत्र) | Special Characteristic (विशेष विशेषता) |
|---|---|---|
| Rat-Tail Joint | जंक्शन बॉक्स और स्विच बोर्ड वायरिंग | बनाने में आसान, कम खिंचाव वाले स्थानों के लिए। |
| Married Joint | स्ट्रैंडेड ओवरहेड लाइनें और मोटर्स | जोड़ पर मोटाई नहीं बढ़ती, मैकेनिकली मजबूत। |
| Western Union Joint | लाइन एक्सटेंशन और ओवरहेड सर्विस लाइन | अत्यधिक खिंचाव और तनाव (Tensile load) सहन करने की क्षमता। |
| T-Joint (Tap Joint) | वितरण लाइनों से ब्रांच लाइन निकालना | मुख्य लाइन को काटे बिना शाखा जोड़ना। |
मुख्य विद्युत लाइन (Main line) को बिना काटे उससे एक नई शाखा (Branch line) या कनेक्शन निकालने के लिए किस प्रकार के जोड़ का उपयोग किया जाता है?
Answer: टी-जोइंट (T-Joint / Tap Joint)
4. Common Faults and Troubleshooting in Joints (सामान्य दोष और निवारण)
| Fault / Problem (दोष) | Possible Causes (संभावित कारण) | Troubleshooting Steps (निवारण के चरण) |
|---|---|---|
| Loose Joint Spraking | जोड़ को ठीक से न कसना या प्लायर से टर्न कमजोर होना | सप्लाई बंद करें, जोड़ खोलकर दोबारा टाइट करें और सोल्डरिंग करें। |
| High Resistance Heating | ऑक्सीडेशन या बिना सफाई के जोड़ बनाना | रेगमार से तार साफ करें, फ्लक्स लगाकर सोल्डर करें ताकि रेजिस्टेंस कम हो। |
| Insulation Failure (Short Circuit) | जोड़ के ऊपर ठीक से पीवीसी टेप (Insulation tape) न लपेटना | नंगे भाग को रबर टेप और उसके ऊपर पीवीसी इंसुलेशन टेप से अच्छी तरह ढकें। |
5. Applications (व्यापक अनुप्रयोग)
- Domestic House Wiring: जंक्शन बॉक्स और स्विच बोर्ड के भीतर तारों के कनेक्शन में।
- Overhead Distribution Lines: पोल से पोल तक जाने वाले एल्युमिनियम और कॉपर के खुले तारों में।
- Appliance Repair: मोटर वाइंडिंग और उपकरणों की आंतरिक वायरिंग के जोड़ों में।
6. ITI Electrician Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Joint Criteria: Every electrical joint must possess high mechanical strength and low electrical resistance.
- Married Joint Use: Specially designed for stranded conductors to avoid abnormal thickness at the joint.
- T-Joint Purpose: Used for tapping branch circuits from a continuous main distribution line.
- Soldering Requirement: Copper joints must always be soldered to prevent oxidation and ensure permanent conductivity.
- Insulation Rule: All completed joints must be properly insulated using vulcanized rubber tape and PVC tape.
7. Conclusion (निष्कर्ष)
Types of Electrical Joints aur Wires Joining Methods विद्युत वायरिंग और कार्यशाला अभ्यास का सबसे बुनियादी कौशल है। ITI Electrician के छात्रों को विभिन्न जोड़ों की बनावट, उनके उपयोगों तथा सोल्डरिंग व इंसुलेशन के नियमों की पूरी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।
यह टॉपिक CBT Exam, ट्रेड थ्योरी परीक्षाओं और वायरिंग प्रैक्टिकल के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।