Monday, September 7, 2026

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आईटीआई परीक्षा की बेहतर तैयारी

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Definition About Windings: Conductor, Turn, Coil, Pole Pitch aur Armature Winding Basic Terms

ITI Electrician Armature Winding Basic Terms Master Notes in Hindi | Conductor, Turn, Coil, Pole Pitch & Winding Terminology

ITI Electrician Armature Winding Basic Terms Master Notes in Hindi: Conductor, Turn, Coil, Pole Pitch & Winding Terminology
(आर्मचर वाइंडिंग की बुनियादी शब्दावली: कंडक्टर, टर्न, कॉइल, पोल पिच और वाइंडिंग पद)

विद्युत मशीनों (जैसे डीसी जनरेटर, मोटर और अल्टरनेटर) के आर्मचर पर वाइंडिंग डिजाइन करने और उन्हें समझने के लिए विशिष्ट तकनीकी शब्दों (Technical Terms) का ज्ञान होना अनिवार्य है। ITI Electrician Trade Theory के अंतर्गत वाइंडिंग की शब्दावली एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आधारभूत टॉपिक है।

इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम कंडक्टर, टर्न, कॉइल, पोल पिच, कॉइल स्पैन और विभिन्न वाइंडिंग पिचेस का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

1. Basic Elements of Winding: Conductor, Turn & Coil (वाइंडिंग के बुनियादी तत्व)

वाइंडिंग की संरचना सबसे छोटी इकाइयों से मिलकर बनती है, जिन्हें क्रमबद्ध रूप से नीचे समझाया गया है:

1. Conductor (कंडक्टर / चालक)

वाइंडिंग का वह एकल तार या छड़ जो चुंबकीय फ्लक्स को काटकर विद्युत वाहक बल (EMF) उत्पन्न करता है या करंट वहन करता है।

2. Turn (टर्न / फेरा)

जब दो कंडक्टरों को आपस में श्रेणी क्रम (Series) में इस प्रकार जोड़ा जाता है कि वे एक पूर्ण लूप बनाते हैं, तो उसे एक ‘टर्न’ कहा जाता है।

3. Coil (कॉइल / कुंडली)

एक या एक से अधिक टर्न्स को आपस में जोड़कर कॉइल बनाई जाती है। इसमें दो कॉइल साइड्स (Coil Sides) होती हैं।

4. Coil Group (कॉइल ग्रुप)

एक ही फेज और एक ही पोल के अंतर्गत आने वाली कॉइल्स के समूह को कॉइल ग्रुप कहा जाता है।

2. Pole Pitch (पोल पिच)

Pole Pitch किसी मशीन में दो相邻 (Adjacent) ध्रुवों (एक उत्तर और एक दक्षिण पोल – North and South Poles) के बीच की परिधीय दूरी (Peripheral distance) होती है। इसे आमतौर पर आर्मचर के कुल स्लॉट्स (Total Slots) और कुल पोलों (Total Poles) के अनुपात के रूप में मापा जाता है। एक पोल पिच हमेशा 180 इलेक्ट्रिकल डिग्री (180 Electrical Degrees) के बराबर होती है।

Pole Pitch Formula (पोल पिच सूत्र)

Pole Pitch (Yp) = Total Number of Armature Slots / Total Number of Poles

3. Coil Span or Coil Pitch (कॉइल स्पैन या कॉइल पिच)

Coil Span किसी कॉइल की दोनों भुजाओं (Coil sides) के बीच की दूरी होती है, जिसे आर्मचर के स्लॉट्स की संख्या में मापा जाता है। इसके आधार पर कॉइल को दो भागों में बांटा जाता है:

  • Full-Pitched Coil: जब कॉइल का स्पैन ठीक एक पोल पिच के बराबर होता है (अर्थात Coil Span = Pole Pitch), तो इसे फुल-पिच्ड कॉइल कहते हैं। इस स्थिति में दोनों भुजाओं में प्रेरित ईएमएफ पूरी तरह इन-फेज होते हैं।
  • Short-Pitched / Fractional-Pitched Coil: जब कॉइल का स्पैन एक पोल पिच से कम रखा जाता है, तो इसे शॉर्ट-पिच्ड कॉइल कहते हैं। इसका उपयोग हार्मोनिक्स (Harmonics) को कम करने और वेवफॉर्म सुधारने के लिए किया जाता है।

4. Armature Winding Pitch Terminology (वाइंडिंग पिच की शब्दावली)

आर्मचर वाइंडिंग के कनेक्शन और पिच को सटीक रूप से परिभाषित करने के लिए निम्नलिखित पिचेस का उपयोग किया जाता है:

  • Back Pitch (Yb): कॉइल के दोनों सिरों के बीच की दूरी जो आर्मचर के पिछले हिस्से (Back end) पर दो कॉइल भुजाओं को जोड़ती है, इसे स्लॉट्स में मापा जाता है।
  • Front Pitch (Yf): कम्यूटेटर एंड या फ्रंट एंड पर दो कॉइल सिरों के बीच की दूरी को फ्रंट पिच कहते हैं।
  • Resultant Pitch (Y): दो क्रमिक कॉइल्स के शुरुआती सिरों के बीच की दूरी। लैप वाइंडिंग में यह Back Pitch और Front Pitch का अंतर होती है (Y = Yb – Yf)।
  • Commutator Pitch (Yc): कम्यूटेटर खंडों (Segments) की वह संख्या जिसके बीच एक कॉइल के दोनों सिरे जुड़े होते हैं।
Winding Term (शब्दावली) Definition & Description (परिभाषा) Measurement Unit (माप इकाई)
Conductor चुंबकीय क्षेत्र में फ्लक्स काटने वाला एकल तार। संख्या (Count)
Turn श्रेणी क्रम में जुड़े दो कंडक्टरों का लूप। संख्या (Count)
Pole Pitch दो क्रमागत पोलों के बीच की आर्मचर दूरी (Slots / Poles). स्लॉट संख्या (Slots)
Coil Span एक ही कॉइल की दोनों भुजाओं के बीच की स्लॉट दूरी। स्लॉट संख्या (Slots)
Back Pitch (Yb) पिछले हिस्से पर कॉइल कनेक्शन की दूरी। कंडक्टर / स्लॉट
ITI CBT Exam Important Question (महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न):

यदि किसी डीसी मशीन में आर्मचर स्लॉट्स की संख्या 36 है और पोलों की संख्या 4 है, तो पोल पिच (Pole Pitch) का मान कितना होगा?

Answer: Pole Pitch = 36 / 4 = 9 स्लॉट्स (Slots).

5. Common Faults and Troubleshooting in Windings (दोष और निवारण)

Fault / Problem (दोष) Possible Causes (संभावित कारण) Troubleshooting Steps (निवारण के चरण)
Incorrect Coil Span / Pitch Error रीवाइंडिंग के समय कॉइल पिच का गलत चयन करना (हार्मोनिक्स बढ़ना) वाइंडिंग डेटा और NIMI आरेख (Diagram) के अनुसार सही पिच पर कॉइल स्थापित करें।
Open Circuit in a Turn or Coil सोल्डरिंग का कमजोर होना या कंडक्टर का बीच से टूट जाना कंटिन्यूटी टेस्ट से ओपन कॉइल का पता लगाएं और नया सोल्डरिंग जोड़ दें।
Short Circuit Between Turns इंसुलेशन का घिस जाना या तापमान अधिक होने से वार्निश का पिघलना ग्रोवलर टेस्ट द्वारा शॉर्टेड टर्न्स की पहचान करें और रीवाइंडिंग करें।

6. Applications of Winding Terminology (वाइंडिंग शब्दावली के अनुप्रयोग)

  • Armature Rewinding Design: कार्यशालाओं में जली हुई मोटरों और जनरेटरों की रीवाइंडिंग करते समय स्लॉट गणना के लिए।
  • Coil Manufacturing: कॉइल स्पैन और पिच के आधार पर कॉइल वाइंडिंग मशीन को सेट करने में।
  • Commutator Connection: डीसी मशीनों में कम्यूटेटर पिच (Yc) के अनुसार सही सेगमेंट पर कॉइल जोड़ने के लिए।
  • Harmonic Suppression: शॉर्ट-पिचिंग तकनीकों का उपयोग करके एसी मोटरों में उच्च आवृत्तियों (Harmonics) को समाप्त करने में।

7. ITI Electrician Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)

  • Conductor to Coil: Conductors make turns, turns make coils, and coils make winding groups.
  • Pole Pitch Value: Always expressed in terms of armature slots and corresponds to 180 electrical degrees.
  • Full Pitch Definition: Coil span equals pole pitch.
  • Short Pitch Advantage: Eliminates harmonics and saves copper on end connections.
  • Pitch Calculation: Fundamental rule $Yp = Slots / Poles$ must be remembered for calculations.

8. Conclusion (निष्कर्ष)

Definition About Windings aur Armature Winding Basic Terms इलेक्ट्रिकल मशीन की रीवाइंडिंग और डिजाइनिंग का आधार हैं। ITI Electrician के छात्रों को कंडक्टर, टर्न, कॉइल, पोल पिच, कॉइल स्पैन तथा विभिन्न पिचेस की पूरी तकनीकी और गणितीय जानकारी होनी चाहिए।

यह टॉपिक CBT Exam, ट्रेड थ्योरी परीक्षाओं और वाइंडिंग प्रैक्टिकल के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।