Chisels Master Notes: Types, Cutting Angles
ITI Fitter Chisels Master Notes in Hindi:
Types, Cutting Angles & Chipping Operations Guide
(छेनी: प्रकार, कर्तन कोण और चीपिंग ऑपरेशन्स – संपूर्ण मार्गदर्शिका)
फिटर कार्यशाला (Fitter Workshop) में धातु की अतिरिक्त परतों को काटने (Chipping), चादरों को अलग करने (Cutting) या खांचे बनाने के लिए जिस मुख्य हैंड कटिंग टूल का उपयोग किया जाता है, उसे Chisel (छेनी) कहा जाता है। ITI Fitter 1st Year Trade Theory के अंतर्गत यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कटिंग टूल टॉपिक है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम छेनी की संरचना, उसके विभिन्न प्रकार (फ्लैट, क्रॉस-कट, हाफ-राउंड, डायमंड पॉइंट), विभिन्न धातुओं के लिए उचित कर्तन कोण (Cutting Angles) तथा चीपिंग सुरक्षा नियमों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction to Chisels (छेनी का परिचय)
Chisel उच्च कार्बन स्टील (High Carbon Steel) या क्रोम वैनेडियम स्टील से फोर्ज करके बनाई जाती है। इसके कटिंग एज को हार्ड और टेम्पर्ड (Hardened & Tempered) किया जाता है ताकि यह हथौड़े की चोट सहते हुए धातु को आसानी से काट सके। छेनी के साथ हमेशा बाल-पेन हथौड़ा (Ball Peen Hammer) का उपयोग किया जाता है।
Core Chisel Angle Specifications for Materials
Mild Steel Angle = 55°
Brass / Copper Angle = 50°
Aluminium Angle = 30° to 40°
2. Major Types of Chisels (छेनी के प्रमुख प्रकार)
कार्य के स्वरूप और आवश्यकतानुसार विभिन्न प्रकार की छेनियों का उपयोग किया जाता है:
1. Flat Chisel (फ्लैट छेनी)
धातु की बड़ी सतहों से अतिरिक्त धातु हटाने (Chipping) और चादरों को काटने के लिए सबसे अधिक प्रयुक्त।
2. Cross-Cut / Cape Chisel (क्रॉस-कट छेनी)
कीवे (Keyways), खांचे और स्लॉट काटने के लिए इसका सिंह-मुख (Narrow cutting edge) होता है।
3. Half Round Chisel (हाफ राउंड छेनी)
तेल के नाले (Oil grooves) और गोलाई वाले खांचों (Curves) को काटने के लिए अर्ध-वृत्ताकार कटिंग एज वाली छेनी।
4. Diamond Point Chisel (डायमंड पॉइंट छेनी)
कोनों (Corners) की सफाई करने और वर्गाकार छेदों के अंदरूनी कोनों से धातु हटाने के लिए।
3. Chisel Cutting Angles and Parameters (छेनी के कर्तन कोण)
छेनी की दक्षता उसके सही ग्राइंडिंग कोण पर निर्भर करती है। इसमें मुख्य रूप से तीन कोण होते हैं:
- Point Angle (पॉइंट कोण / Wedge Angle): यह कटिंग एज की दोनों सतहों के बीच का कोण होता है जो धातु की कठोरता के अनुसार बदलता है।
- Rake Angle (रैक कोण): छेनी की ऊपरी सतह और कटिंग एज पर जाने वाली लंब रेखा के बीच का कोण।
- Clearance Angle (क्लीयरेंस कोण): छेनी के नीचे का सिरा और जॉब की सतह के बीच का कोण (सामान्यतः 8° से 10° रखा जाता है ताकि छेनी जॉब में न धंसे)।
| Workpiece Material (जॉब की धातु) | Recommended Point Angle (सुझाए गए पॉइंट कोण) | Primary Application (मुख्य उपयोग) |
|---|---|---|
| Aluminium / Brass | 30° to 50° | नरम धातुओं को आसानी से काटने के लिए। |
| Mild Steel | 55° | सामान्य फिटर कार्यों और माइल्ड स्टील चीपिंग हेतु। |
| Cast Iron / Hard Steel | 65° to 70° | कठोर धातुओं और ढलवा लोहे की छिलाई (Chipping) के लिए। |
माइल्ड स्टील (Mild Steel) की चीपिंग करने के लिए छेनी का सामान्य पॉइंट एंगल (Point Angle) कितना होना चाहिए?
Answer: 55 डिग्री (55°)
4. Common Faults and Maintenance / Troubleshooting (दोष और रखरखाव)
| Fault / Problem (दोष) | Possible Causes (संभावित कारण) | Maintenance & Care (रखरखाव के चरण) |
|---|---|---|
| Mushroom Head on Chisel | हथौड़े की लगातार चोट लगने से छेनी के पिछले हिस्से (Striking head) का फैल जाना | ग्राइंडर पर मशरूम हेड को समय-समय पर घिसकर चैंबर (Chamfer) करें ताकि चोट मारते समय छर्रे न उड़ें। |
| Digging into Metal (जॉब में धंसना) | क्लीयरेंस एंगल का बहुत कम होना या गलत एंगल पर छेनी चलाना | चीपिंग करते समय सही क्लीयरेंस एंगल (8° – 10°) बनाए रखें। |
| Blunting of Cutting Edge | कठोर सतह पर गलत ग्राइंडिंग या ओवरहीटिंग से टेम्पपर का नष्ट होना | ऑयल स्टोन पर धार लगाएं और ग्राइंडिंग करते समय कूलेंट का प्रयोग करें। |
5. Applications in Fitter Workshop (कार्यशाला में अनुप्रयोग)
- Chipping Operations: कास्टिंग या वेल्डिंग बीड्स की अतिरिक्त धातु को काटकर समतल करना।
- Metal Cutting: मोटी चादरों या बार को छेनी और हथौड़े की सहायता से काटना।
- Groove Cutting: बेयरिंग हाउसिंग या मशीनों में लुब्रिकेशन ऑयल ग्रूव्स (Oil Grooves) तैयार करना।
6. ITI Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Chisel Material: Manufactured from high-carbon steel or chrome-vanadium steel, properly forged, hardened, and tempered.
- Point Angle Rules: Softer metals require smaller point angles, whereas harder metals require larger point angles to prevent edge chipping.
- Clearance Angle: Essential to prevent the body of the chisel from rubbing against or digging into the workpiece surface.
- Safety Rule: Always use a chip guard or safety screen during chipping operations to protect nearby workers from flying metal chips.
- Mushroom Head Hazard: A mushroom head must be ground off immediately to prevent dangerous metal splinters from flying off during hammer strikes.
7. Conclusion (निष्कर्ष)
Chisels फिटर कार्यशाला के सबसे बुनियादी और प्रभावी कर्तन औजार हैं। ITI Fitter के छात्रों को छेनियों के विभिन्न प्रकार, धातुओं के अनुसार उनके पॉइंट एंगल (30° से 70°), चीपिंग सुरक्षा तथा रख-रखाव की पूरी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।
यह टॉपिक CBT Exam, ट्रेड थ्योरी परीक्षाओं और कार्यशाला प्रैक्टिकल के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।