Thursday, September 17, 2026

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आईटीआई परीक्षा की बेहतर तैयारी

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Marking Media Master Notes: Chalk, Prussian Blue

ITI Fitter Marking Media Master Notes in Hindi | Chalk, Prussian Blue & Copper Sulphate Guide

ITI Fitter Marking Media Master Notes in Hindi: Types, Applications & Selection Guide
(मार्किंग मीडिया: प्रकार, उपयोग और चयन – संपूर्ण मार्गदर्शिका)

फिटर कार्यशाला (Fitter Workshop) में किसी धातु के जॉब पर स्क्राइबर या डिवाइडर से रेखाएँ खींचने से पहले उसकी सतह पर एक ऐसा स्पष्ट आवरण (Coating) लगाया जाता है जिस पर खींची गई रेखाएँ बिल्कुल साफ और चमकदार दिखाई दें। इस लेप या घोल को Marking Media (मार्किंग मीडिया) कहा जाता है। ITI Fitter 1st Year Trade Theory के अंतर्गत मार्किंग प्रक्रिया का यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम मार्किंग मीडिया के विभिन्न प्रकार (चॉक घोल, पर्शियन ब्लू, कॉपर सल्फेट, सेल्यूलोज लैकर), उनके उपयोग, विशेषताओं तथा उनकी सावधानियों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

1. Introduction to Marking Media (मार्किंग मीडिया का परिचय)

जब किसी कच्ची या फोर्ज की गई धातु की सतह पर सीधे स्क्राइबर से रेखाएँ खींची जाती हैं, तो वे धातु के चमकने के कारण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं। इसके अलावा, माप में त्रुटि होने की संभावना रहती है। इस समस्या से बचने के लिए सतह पर मार्किंग मीडिया का लेप लगाया जाता है, जिससे स्क्राइबर द्वारा बनाई गई लाइनें गहरे बैकग्राउंड पर एक स्पष्ट चमक के साथ उभर आती हैं।

Core Purpose of Marking Media

Provides a Contrasting Background + Highlights Scriber Lines + Prevents Glare

2. Major Types of Marking Media (मार्किंग मीडिया के प्रमुख प्रकार)

कार्यशाला में धातु की प्रकृति और कार्य की शुद्धता के अनुसार निम्नलिखित मार्किंग मीडिया का उपयोग किया जाता है:

1. Chalk Solution (चॉक का घोल)

चॉक पाउडर को पानी या स्पिरिट में घोलकर बनाया जाता है। यह रफ फोर्जिंग और कास्टिंग जॉब्स के लिए उपयुक्त है।

2. Prussian Blue (प्रशियन ब्लू)

यह फिनिश की गई सतहों और उच्च परिशुद्धता (High precision) वाले लेआउट के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।

3. Copper Sulphate (कॉपर सल्फेट)

इसे पानी और सल्फ्यूरिक एसिड में घोलकर बनाया जाता है। यह केवल लोहे और माइल्ड स्टील पर तांबे की चमकदार परत छोड़ता है।

4. Cellulose Lacquer (सेल्यूलोज लैकर)

यह बाजार में विभिन्न रंगों में मिलने वाला एक रेडीमेड मार्किंग मीडिया है जो बहुत जल्दी सूख जाता है।

3. Detailed Comparison of Marking Media (विस्तृत तुलना तालिका)

Marking Media (मार्किंग मीडिया) Preparation / Composition (बनावट / घोल) Suitable Work / Surface (उपयुक्त सतह) Key Advantage & Disadvantage (विशेषता)
Chalk Powder Solution चॉक पाउडर + पानी या मिथाइलेटेड स्पिरिट रफ कास्टिंग और फोर्जिंग जॉब्स (कच्ची सतह) जल्दी सूखता है, लेकिन आसानी से झड़ जाता है।
Prussian Blue प्रशियन ब्लू पेस्ट + ऑयल परिशुद्धता वाले और फिनिश किए गए जॉब्स स्पष्ट लाइनें देता है, सूखने में थोड़ा समय लेता है।
Copper Sulphate कॉपर सल्फेट + पानी + कुछ बूंद एसिड केवल माइल्ड स्टील और फेरस जॉब्स अत्यंत स्पष्ट रेखाएँ बनती हैं, लेकिन यह जहरीला (Poisonous) होता है।
Cellulose Lacquer कमर्शियल रेडीमेड सॉल्यूशन सभी प्रकार की मशीन फिनिश सतहें बहुत तेजी से सूखता है और टिकाऊ होता है।
ITI Fitter CBT Exam Important Question (महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न):

निम्नलिखित में से कौन सा मार्किंग मीडिया जहरीला (Poisonous) होता है और फिटर कार्यशाला में त्वचा के लिए हानिकारक माना जाता है?

Answer: कॉपर सल्फेट (Copper Sulphate सॉल्यूशन)

4. Application Rules and Precautions (अनुप्रयोग नियम और सावधानियाँ)

  • Surface Cleaning: मार्किंग मीडिया लगाने से पहले जॉब की सतह पर मौजूद तेल, ग्रीस और धूल को कॉटन या वेस्ट कपड़े से पूरी तरह साफ कर लेना चाहिए।
  • Thin Coating: लेप हमेशा एक पतली परत के रूप में लगाना चाहिए; अधिक मोटा लेप सूखने पर पपड़ी बनकर उखड़ने लगता है।
  • Poisonous Handling: कॉपर सल्फेट का उपयोग करते समय हाथों में दस्ताने पहनने चाहिए क्योंकि यह अत्यधिक विषैला होता है और त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है।
  • Drying Time: स्क्राइबर से लाइनें खींचने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि मार्किंग मीडिया पूरी तरह से सूख गया हो।

5. Applications in Fitter Workshop (कार्यशाला में अनुप्रयोग)

  • Layout Visibility: वर्कपीस पर सेंटर लाइन, होल के सेंटर और कटिंग बाउंड्री को स्पष्ट रूप से देखने के लिए।
  • Ftting Inspection: दो mating surfaces की फिटिंग की सटीकता (High spot checking) की जाँच करने के लिए प्रशियन ब्लू का उपयोग किया जाता है।

6. ITI Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)

  • Primary Function: Marking media provides a contrasting background to make scriber layout lines clearly visible.
  • Copper Sulphate Property: Forms a thin copper coating on iron or steel surfaces by chemical displacement, but is toxic.
  • Rough Castings Choice: Chalk powder mixed with water or alcohol is best suited for rough, unmachined black surfaces.
  • Precision Choice: Prussian blue is preferred for finished and precision components because it does not chip off easily.
  • Preparation Rule: The workpiece must be thoroughly degreased and cleaned before applying any marking media.

7. Conclusion (निष्कर्ष)

Marking Media फिटर कार्यशाला में लेआउट और मार्किंग का एक अनिवार्य हिस्सा है। ITI Fitter के छात्रों को चॉक घोल, प्रशियन ब्लू और कॉपर सल्फेट की विशेषताओं, उनकी हानियों तथा उनके सही अनुप्रयोग की पूरी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।

यह टॉपिक CBT Exam, ट्रेड थ्योरी परीक्षाओं और कार्यशाला प्रैक्टिकल के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।