Drilling Machine Master Notes: Types, Construction
ITI Fitter Drilling Machine Master Notes in Hindi:
Types, Construction & Operations Guide
(ड्रिलिंग मशीन: प्रकार, संरचना और संचालन – संपूर्ण मार्गदर्शिका)
फिटर कार्यशाला (Fitter Workshop) और उत्पादन उद्योगों में ठोस धातुओं पर सटीक गोल छेद (Circular Holes) करने के लिए जिस पावर-ड्रिवेन मशीन टूल का उपयोग किया जाता है, उसे Drilling Machine (ड्रिलिंग मशीन) कहा जाता है। ITI Fitter 1st Year Trade Theory के अंतर्गत मशीन टूल्स और कटिंग ऑपरेशन्स का यह एक केंद्रीय टॉपिक है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम ड्रिलिंग मशीन के मुख्य भागों (Base, Column, Table, Spindle, Drill Chuck), इसके प्रमुख प्रकारों (Sensitive, Pillar, Radial, Gang Drilling Machines) तथा कार्यशाला में उनके उपयोग का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction and Working Principle (परिचय और कार्य सिद्धांत)
Drilling Machine एक ऐसी मशीन है जो मोटर और पुली ड्राइव सिस्टम के माध्यम से ट्विस्ट ड्रिल बिट (Twist Drill Bit) को उच्च गति (High RPM) पर घुमाती है, साथ ही ऑपरेटर को हैंड लीवर या ऑटोमैटिक फीड के जरिए ड्रिल को वर्कपीस की ओर लंबवत रूप से आगे बढ़ाने की सुविधा देती है।
Core Drilling Machine Mechanisms
Feed Mechanism: Hand Feed / Power Feed via Rack and Pinion Assembly
2. Major Types of Drilling Machines (ड्रिलिंग मशीन के प्रमुख प्रकार)
1. Sensitive Drilling Machine
हल्के और छोटे व्यास (लगभग 12 मिमी तक) के होल्स के लिए। इसमें ऑपरेटर हाथ के दबाव से ड्रिल की कटिंग फीलिंग को आसानी से महसूस (Sense) कर सकता है।
2. Pillar Drilling Machine
यह सेंसिटिव ड्रिलिंग का ही एक उन्नत और भारी रूप है जिसमें एक मजबूत सिलिंडरिक्ल स्तंभ (Pillar) होता है। मध्यम आकार के जॉब्स हेतु।
3. Radial Drilling Machine
भारी और बड़े वर्कपीस के लिए जिसमें ड्रिल हेड को रेडियल आर्म पर घुमाकर जॉब के किसी भी हिस्से पर आसानी से सेट किया जा सकता है। जॉब स्थिर रहता है।
4. Gang & Multi-Spindle Machines
मास प्रोडक्शन के लिए जहां एक ही बेस पर कई स्पिंडल या अलग-अलग ऑपरेशन्स (Drilling, Boring, Reaming) एक साथ किए जाते हैं।
3. Main Parts of a Drilling Machine (ड्रिलिंग मशीन के मुख्य भाग)
एक मानक पिलर या बेंच ड्रिलिंग मशीन निम्नलिखित मुख्य भागों से मिलकर बनी होती है:
- Base (बेस): यह कास्ट आयरन का बना भारी आधार होता है जो पूरी मशीन के भार को संभालता है और फर्श पर टिकी रहती है।
- Column / Pillar (कॉलम या पिलर): यह एक लंबा ऊर्ध्वाधर खंभा होता है जो बेस पर खड़ा होता है और टेबल तथा ड्रिल हेड को सहारा देता है।
- Table (टेबल): इस पर वर्कपीस को वाइस या क्लैंप की मदद से रखा जाता है। इसे पिलर पर ऊपर-नीचे या घुमाया जा सकता है।
- Drill Head (ड्रिल हेड): यह कॉलम के सबसे ऊपरी हिस्से पर होता है जिसमें मोटर, पुली, गियरबॉक्स और स्पिंडल फिट होते हैं।
- Spindle (स्पिंडल): यह उच्च ग्रेड स्टील की बनी शाフト होती है जिसके निचले सिरे पर ड्रिल चक या स्लीव लगी होती है।
- Feed Handle (फीड हैंडल): इसके जरिए स्पिंडल और घूमते हुए ड्रिल बिट को नीचे की ओर धकेला जाता है।
4. Detailed Comparison Table (ड्रिलिंग मशीनों की तुलना)
| Machine Type (मशीन का प्रकार) | Capacity / Work Size (क्षमता) | Primary Application (मुख्य उपयोग) |
|---|---|---|
| Bench / Sensitive Drill | छोटे व्यास (Up to 12-15 mm holes) | इलेक्ट्रॉनिक्स, हल्के फिटर जॉब्स और छोटे पुर्जे। |
| Pillar Drilling Machine | मध्यम आकार (Up to 25-40 mm holes) | कार्यशालाओं में सामान्य ड्रिलिंग और काउंटरबोरिंग। |
| Radial Drilling Machine | बहुत भारी और विशालकाय जॉब्स (Heavy components) | इंजन ब्लॉक, बड़े कास्टिंग्स और स्ट्रक्चरल प्लेट्स पर होल्स। |
किस प्रकार की ड्रिलिंग मशीन में भारी और बड़े जॉब्स को बिना हिलाए, ड्रिल हेड को घुमाकर विभिन्न स्थानों पर होल किए जाते हैं?
Answer: रेडियल ड्रिलिंग मशीन (Radial Drilling Machine)
5. Common Faults, Maintenance and Safety (दोष, रखरखाव और सुरक्षा)
| Fault / Problem (दोष) | Possible Causes (संभावित कारण) | Maintenance & Care Steps (रखरखाव के चरण) |
|---|---|---|
| Spindle Runout / Wobbling | बेयरिंग का घिस जाना या चक का ठीक से माउंट न होना | घिसे हुए बेयरिंग्स को बदलें और चक को स्पिंडल टेपर पर सही से बैठाएं। |
| Belt Slippage | V-Belt का ढीला होना या पुली पर ग्रीस लग जाना | बेल्ट के तनाव (Tension) को समायोजित करें और पुली को साफ रखें। |
| Excessive Vibration | वर्कपीस का ढीला होना या मशीन का फर्श पर अनबैलेंस होना | जॉब को वाइस में कसकर बांधें और मशीन के फाउंडेशन बोल्ट टाइट करें। |
6. Applications in Fitter Workshop (कार्यशाला में अनुप्रयोग)
- General Hole Making: विभिन्न फिटर असेंबली के लिए बोルト और स्क्रू के होल तैयार करना।
- Threading Operations: ड्रिलिंग के तुरंत बाद उसी मशीन सेटअप पर टैपिंग (Tapping) करना।
- Precision Finishing: रीमर और बोरिंग टूल्स की सहायता से होल्स को फिनिश करना।
7. ITI Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Machine Purpose: Designed primarily for producing circular holes in solid materials using rotating cutting tools.
- Radial Advantage: The radial drilling machine allows the spindle to be positioned anywhere over a large work area.
- Safety Precaution: Never wear loose clothes, ties, or gloves while operating a drilling machine to avoid entanglement.
- Coolant Application: Always use appropriate cutting fluid to cool the tool and evacuate chips effectively.
- Chuck Removal: Use a proper drill drift key to remove tapered shanks and chucks safely from the spindle.
8. Conclusion (निष्कर्ष)
Drilling Machine फिटर कार्यशाला का सबसे उपयोगी और अनिवार्य पावर मशीन टूल है। ITI Fitter के छात्रों को सेंसिटिव, पिलर और रेडियल ड्रिलिंग मशीनों की संरचना, उनके भागों तथा कार्यशाला सुरक्षा नियमों की पूरी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।