Arc Welding Machine Master Notes: Working Principle, Rectifiers, Inverters
ITI Fitter Arc Welding Machine Master Notes in Hindi:
Working Principle, Rectifiers, Inverters & Setup Guide
(आर्क वेल्डिंग मशीन: कार्य सिद्धांत, रेक्टिफायर, इन्वर्टर और सेटअप – संपूर्ण मार्गदर्शिका)
मेटल जॉइनिंग और फैब्रिकेशन कार्यशाला (Fabrication Workshop) में दो धातु के टुकड़ों को इलेक्ट्रिक आर्क की तेज ऊष्मा से पिघलाकर आपस में स्थायी रूप से जोड़ने के लिए जिस मुख्य मशीन का उपयोग किया जाता है, उसे Arc Welding Machine (आर्क वेल्डिंग मशीन) कहा जाता है। ITI Fitter 1st Year Trade Theory के अंतर्गत वेल्डिंग मशीनों का यह एक अति महत्वपूर्ण चैप्टर है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम आर्क वेल्डिंग मशीन के कार्य सिद्धांत, इसके प्रमुख प्रकारों (Transformer, Rectifier, Inverter, Generator), ओपन सर्किट वोल्टेज (OCV), शॉर्ट सर्किट करंट, तथा कार्यशाला में उनके सेटअप और रख-रखाव का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction and Working Principle (परिचय और कार्य सिद्धांत)
Arc Welding Machine का मुख्य कार्य घरेलू या औद्योगिक उच्च वोल्टेज (जैसे 230V या 440V) और कम एम्पेयर की विद्युत आपूर्ति को कम वोल्टेज (ओपन सर्किट वोल्टेज सामान्यतः 40V से 80V) और उच्च एम्पेयर (100A से 300A+) में बदलना है। यह उच्च एम्पेयर धारा इलेक्ट्रोड और जॉब के बीच एक स्थिर इलेक्ट्रिक आर्क (Electric Arc) उत्पन्न करती है जिसका तापमान लगभग 3600°C तक होता है।
Core Arc Welding Machine Parameters
Arc Operating Voltage = 20V to 30V (During welding)
Current Range = 100 Amps to 300+ Amps (Depending on electrode thickness)
2. Major Types of Arc Welding Machines (आर्क वेल्डिंग मशीनों के प्रमुख प्रकार)
1. AC Welding Transformer
स्टेप-डाउन ट्रांसफॉर्मर पर आधारित मशीन जो एसी (AC) सप्लाई प्रदान करती है। किफायती और सामान्य माइल्ड स्टील वेल्डिंग के लिए उपयुक्त।
2. Welding Rectifier Set
ट्रांसफॉर्मर और सिलिकॉन डायोड का संयोजन जो एसी को डीसी (DC) में बदलकर स्थिर आर्क और बेहतर वेल्ड गुणवत्ता प्रदान करता है।
3. Inverter Welding Machine
आधुनिक सॉलिड-स्टेट इलेक्ट्रॉनिक तकनीक पर आधारित हल्की, पोर्टेबल और उच्च दक्षता वाली वेल्डिंग मशीन (AC/DC दोनों विकल्प में)।
4. Motor-Generator Set
इलेक्ट्रिक मोटर या इंजन द्वारा संचालित जनरेटर जो भारी औद्योगिक कार्यों के लिए डीसी वेल्डिंग करंट उत्पन्न करता है।
3. Detailed Machine Comparison Table (आर्क वेल्डिंग मशीन तुलना तालिका)
| Machine Type (मशीन का प्रकार) | Output Current (आउटपुट करंट) | Portability & Efficiency (पोर्टेबिलिटी और दक्षता) | Primary Application (मुख्य उपयोग) |
|---|---|---|---|
| AC Transformer | अल्टरनेटिंग करंट (AC) | भारी वजन, कम पोर्टेबल, उच्च दक्षता। | सामान्य स्ट्रक्चरल फेरस वेल्डिंग। |
| Rectifier Set | डायरेक्ट करंट (DC) | मध्यम वजन, स्थिर प्रदर्शन। | सभी प्रकार की धातुओं की सामान्य वेल्डिंग। |
| Inverter Welder | DC / AC (Advanced) | अत्यधिक हल्की, पोर्टेबल, उच्चतम दक्षता (High efficiency)। | फिल्ड वर्क, पाइपलाइन और सटीक वेल्डिंग। |
आधुनिक कार्यशालाओं में सबसे अधिक पसंद की जाने वाली हल्की, ऊर्जा-कुशल और पोर्टेबल आर्क वेल्डिंग मशीन कौन सी है?
Answer: इन्वर्टर वेल्डिंग मशीन (Inverter Welding Machine)
4. Polarity in DC Arc Welding (डीसी आर्क वेल्डिंग में पोलरिटी)
जब रेक्टिफायर या जनरेटर से डीसी वेल्डिंग की जाती है, तो केबल के कनेक्शन के आधार पर दो प्रकार की पोलरिटी होती है:
- Straight Polarity (DCEN – Direct Current Electrode Negative): इलेक्ट्रोड को नेगेटिव और जॉब को पॉजिटिव से जोड़ा जाता है। इसमें जॉब पर अधिक ऊष्मा (लगभग 70%) मिलती है, जिससे गहरी वेल्ड पेनेट्रेशन होती है।
- Reverse Polarity (DCEP – Direct Current Electrode Positive): इलेक्ट्रोड को पॉजिटिव और जॉब को नेगेटिव से जोड़ा जाता है। इसमें इलेक्ट्रोड तेजी से पिघलता है, जो एल्युमिनियम और अलॉय स्टील के लिए उपयुक्त है।
5. Common Faults, Care and Maintenance (दोष और रखरखाव)
| Fault / Problem (दोष) | Possible Causes (संभावित कारण) | Maintenance & Care Steps (रखरखाव के चरण) |
|---|---|---|
| Machine Overheating | निर्धारित ड्यूटी साइकिल (Duty Cycle) से अधिक देर तक लगातार चलाना | मशीन को लोड के अनुसार आराम दें और कूलिंग फैन/वेंटिलेशन को साफ रखें। |
| Unstable Arc | लूज अर्थिंग कनेक्शन या कम वोल्टेज | अर्थ क्लैंप को साफ धातु से कसकर जोड़ें और केबल टर्मिनल्स टाइट रखें। |
| No Output Current | इंटरनल फ्यूज का उड़ना या सर्किट शॉर्ट होना | फ्यूज और मुख्य पावर सप्लाई कॉर्ड की जाँच करें; अधिकृत तकनीशियन से रिपेयर कराएं। |
6. Applications in Fitter Workshop (कार्यशाला में अनुप्रयोग)
- Structural Fabrication: एमएस एंगल्स, चैनल्स और प्लेटों को जोड़कर फ्रेम, गेट और ट्रस बनाना।
- Repair & Maintenance: टूटे हुए मशीन पार्ट्स और कास्ट आयरन कास्टिंग्स की रिपेयरिंग वेल्डिंग।
- Pipe & Tank Joints: विभिन्न व्यास के पाइपों और टैंकों की मजबूत असेंबली वेल्डिंग।
7. ITI Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Machine Function: An arc welding machine steps down high mains voltage to safe operating open-circuit voltage (40V-80V) with high amperage.
- Duty Cycle: Welding machines operate on a percentage duty cycle rating (e.g., 60% in 10 minutes) to prevent thermal overload.
- Inverter Benefit: Inverter welders use high-frequency solid-state switching to reduce size and weight while improving energy efficiency.
- Earth Connection: A secure and clean earth clamp connection is mandatory for arc stability and operator safety.
- Arc Blow Phenomenon: Magnetic arc blow can occur in DC welding due to magnetic field distortion, which can be minimized by adjusting earth placement.
8. Conclusion (निष्कर्ष)
Arc Welding Machines फिटर और फैब्रिकेशन ट्रेड का सबसे प्रमुख शक्ति स्रोत हैं। ITI Fitter के छात्रों को ट्रांसफॉर्मर, रेक्टिफायर और इन्वर्टर वेल्डर्स के कार्य सिद्धांतों, पोलरिटी के अंतर तथा मशीन रख-रखाव के नियमों की संपूर्ण तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।