Drilling on Mild Steel Flat Master Notes: Bench Drilling, Layout
ITI Fitter Drilling on Mild Steel Flat Master Notes in Hindi:
Bench Drilling, Layout & Tool Guide
(माइल्ड स्टील फ्लैट पर ड्रिलिंग: बेंच ड्रिलिंग मशीन, लेआउट और टूल – संपूर्ण मार्गदर्शिका)
फिटर कार्यशाला (Fitter Workshop) और मशीन शॉप के अंतर्गत किसी माइल्ड स्टील फ्लैट (Mild Steel Flat) पर मार्किंग लेआउट के अनुसार सटीक स्थान पर छिद्र (Hole) बनाने की मौलिक संक्रिया को Drilling on MS Flat कहा जाता है। ITI Fitter 1st Year Practical और Trade Theory के अंतर्गत यह बेसिक मेटल वर्किंग का सबसे प्रमुख अभ्यास है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम माइल्ड स्टील पर ड्रिलिंग करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया, बेंच या पिलर ड्रिलिंग मशीन के संचालन, ट्विस्ट ड्रिल (Twist Drill) की विशेषताओं, और कटिंग फ्लूइड के उपयोग का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction and Core Purpose (परिचय और मुख्य उद्देश्य)
माइल्ड स्टील (M.S.) एक तनन और आघातवर्ध्य धातु (Ductile material) है जिस पर ड्रिलिंग करना आसान होता है। फ्लैट पर सही जगह होल करने से बोल्ट, रिवेट या पिन असेंबली संभव होती है। इसके लिए लेआउट मार्किंग और सेंटर पंचिंग की शुद्धता सबसे जरूरी है।
Core MS Flat Drilling Principle
Motto: “Proper punch marks prevent drill wander and ensure exact hole location.”
2. Essential Tools Required for Drilling on MS Flat
1. Bench / Pillar Drilling Machine
ड्रिल बिट को उच्च गति पर घुमाने और फीड देने के लिए प्रयुक्त मुख्य मशीन टूल।
2. Twist Drill (HSS)
हाई स्पीड स्टील से बना कटिंग टूल जिसका पॉइंट एंगल (Point Angle) सामान्य कार्यों के लिए 118° होता है।
3. Center Punch & Ball Peen Hammer
ड्रिल बिट के पॉइंट को सही स्थान पर बैठाने के लिए 90° कॉनिकल एंगल वाला सेंटर पंच।
4. Soluble Oil / Coolant
ड्रिलिंग के दौरान उत्पन्न होने वाली ऊष्मा (Heat) को कम करने और टूल की आयु बढ़ाने के लिए कूलेंट।
3. Detailed Drilling Operation Table (ड्रिलिंग संक्रिया तालिका)
| Operation Stage (संक्रिया चरण) | Tools & Equipment (उपकरण) | Key Technical Action (मुख्य तकनीकी कार्य) |
|---|---|---|
| Surface Preparation | Chalk / Layout Dye, Scriber | एम.एस. फ्लैट पर लेआउट लगाकर क्रॉस सेंटर लाइन्स अंकित करना। |
| Punching | Center Punch (90°), Hammer | इंटरसेक्शन पॉइंट पर गहरा सेंटर पंच मार्क लगाना ताकि ड्रिल स्लिप न हो। |
| Work Clamping | Machine Vise, T-bolts, Clamps | ड्रिलिंग मशीन की टेबल पर एमएस फ्लैट और वॉइस को मजबूती से कसना। |
| Drilling & Cooling | Drill Chuck, HSS Drill, Coolant | उचित आरपीएम (RPM) पर मशीन चलाकर कूलेंट डालते हुए होल पूरा करना। |
साधारण उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले ट्विस्ट ड्रिल (Twist Drill) का पॉइंट एंगल (Point Angle) कितना होता है?
Answer: 118 डिग्री (118°)
4. Step-by-Step Procedure for Drilling on MS Flat
| Step (चरण) | Procedure Details (प्रक्रिया विवरण) |
|---|---|
| 1. Marking & Layout | माइल्ड स्टील फ्लैट पर कॉपर सल्फेट या चॉक लगाकर ड्राइंग के अनुसार सेंटर लाइन्स खींचें। |
| 2. Punching | लाइन के केंद्र बिंदु पर सेंटर पंच रखकर हथौड़े से स्पष्ट पंच मार्क बनाएँ। |
| 3. Machine Setup | जॉब को मशीन वॉइस में कसकर टेबल की ऊँचाई सेट करें। ड्रिल चक में सही साइज का ट्विस्ट ड्रिल कसें। |
| 4. Trial & Feed | मशीन चालू करके हल्के हाथों से फीड दें। होल पूरा होने से ठीक पहले फीड धीमी कर दें ताकि ड्रिल टूटे नहीं। |
5. Essential Rules for MS Flat Drilling
- Never Hold by Hand: ड्रिलिंग करते समय कभी भी एमएस फ्लैट को हाथों से पकड़कर न रखें; हमेशा मशीन वॉइस या क्लैंप का उपयोग करें।
- Remove Burrs: ड्रिलिंग पूरी होने के बाद होल के किनारों पर बनी बुर्र (Burrs) को फाइल या काउंटरसिंक टूल से साफ करें।
- Proper Lubrication: माइल्ड स्टील की ड्रिलिंग के दौरान सॉलेबल ऑयल (Soluble oil water mixture) का निरंतर उपयोग करें।
6. ITI Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Material Property: Mild steel is a ductile material with good machinability, making it ideal for basic workshop drilling practice.
- Drill Point Angle: The standard point angle of a twist drill for general metal drilling is 118 degrees.
- Holding Safety: Jobs must be securely clamped in a machine vise to prevent the workpiece from spinning and causing severe accidents.
- Coolant Usage: Soluble oil is applied during MS drilling to dissipate heat and improve surface finish inside the hole.
- Burr Formation: Exit burrs are commonly formed when the drill breaks through the bottom face and must be cleaned safely.
7. Conclusion (निष्कर्ष)
Drilling on M.S. Flat फिटर ट्रेड और वर्कशॉप प्रैक्टिस का एक बुनियादी और अनिवार्य कौशल है। ITI Fitter के छात्रों को ड्रिलिंग मशीनों के संचालन, ट्विस्ट ड्रिल के ज्यामितीय कोणों, तथा सुरक्षित ड्रिलिंग प्रक्रियाओं की संपूर्ण तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।