Underground Cables ki Layers aur Types
ITI Electrician Underground Cables Master Notes in Hindi:
Layers, Types & Complete Guide
(अंडरग्राउंड केबल की परतें और प्रकार: संपूर्ण मार्गदर्शिका)
विद्युत ऊर्जा के सुरक्षित वितरण के लिए जमीन के अंदर बिछाई जाने वाली विशेष रूप से संरोधी (Insulated) और संरक्षित केबलों को Underground Cables (भूमिगत केबल) कहा जाता है। ITI Electrician Trade Theory और पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम्स के अंतर्गत यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण टॉपिक है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम अंडरग्राउंड केबल की आंतरिक संरचना की विभिन्न परतों (Layers), उनके प्रकारों, वोल्टेज रेटिंग्स तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction to Underground Cables (भूमिगत केबल का परिचय)
ओवरहेड लाइनों (Overhead lines) की तुलना में भूमिगत केबल मौसम के प्रभाव (आंधी, तूफान, बारिश) से सुरक्षित रहती हैं और घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में बिजली वितरण का मुख्य माध्यम हैं। इनके निर्माण में नमी, यांत्रिक आघात (Mechanical injury) और वोल्टेज स्ट्रेस से बचाने के लिए कई विशेष परतों का उपयोग किया जाता है।
Core Construction Flow (Inside to Outside)
2. Layers of an Underground Cable (अंडरग्राउंड केबल की विभिन्न परतें)
कंडक्टर से लेकर बाहरी आवरण तक केबल में मुख्य रूप से निम्नलिखित परतें (Layers) होती हैं:
- 1. Core / Conductor (कोर): यह तांबे (Copper) या एल्युमिनियम (Aluminium) का बना मुख्य चालक होता है जो विद्युत धारा को प्रवाहित करता है। यह सिंगल या मल्टीस्ट्रैंडेड हो सकता है।
- 2. Insulation (इंसुलेशन): कंडक्टर के चारों ओर पेपर, पीवीसी (PVC) या वर्गाकार वार्निश कैम्ब्रेक की परत होती है जो करंट को लीक होने से रोकती है।
- 3. Lead Sheath (लेड शीथ): यह सीसा (Lead) या एल्युमिनियम की एक धातु आवरण परत होती है जो केबल के भीतर नमी (Moisture) या पानी को प्रवेश करने से रोकती है।
- 4. Bedding (बेडिंग): जूट (Jute) या हेसियन टेप से बनी यह परत लेड शीथ को आर्मरिंग की धातु से रगड़ खाकर क्षतिग्रस्त होने से बचाती है।
- 5. Armouring (आर्मरिंग): यह गैल्वेनाइज्ड स्टील वायर या स्टील टेप की एक मजबूत परत होती है जो केबल को जमीन खोदते समय लगने वाले यांत्रिक धक्कों (Mechanical shocks) से बचाती है।
- 6. Serving (सर्विंग): यह केबल की सबसे बाहरी परत होती है जो जूट पर बिटुमिन (Bitumen) का लेप लगाकर बनाई जाती है। यह आर्मरिंग को वायुमंडलीय क्षरण (Atmospheric corrosion) से बचाती है।
3. Types of Underground Cables (अंडरग्राउंड केबल के प्रमुख प्रकार)
उपयोग होने वाले वोल्टेज स्तर और निर्माण के आधार पर केबलों को मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा गया है:
1. Low Tension (LT) Cables
1 kV (1000 Volts) तक के वोल्टेज के लिए उपयोग होने वाली सामान्य घरेलू और औद्योगिक केबल।
2. High Tension (HT) Cables
11 kV तक के वोल्टेज के लिए डिज़ाइन की जाने वाली केबल।
3. Super Tension Cables
33 kV तक के वोल्टेज संचालन के लिए प्रयुक्त होने वाली उच्च कोटि की केबल।
4. Extra High Tension (EHT)
66 kV से 132 kV और उससे अधिक वोल्टेज ट्रांसमिशन के लिए तेल या गैस से भरी केबल (Oil/Gas filled)।
| Cable Layer (केबल की परत) | Primary Material (मुख्य सामग्री) | Main Function (मुख्य कार्य) |
|---|---|---|
| Conductor | Copper / Aluminium | विद्युत धारा को सुगमता से प्रवाहित करना। |
| Insulation | PVC / Paper / XLPE | करंट को बाहर लीक होने से रोकना। |
| Lead Sheath | Lead / Aluminium alloy | केबल के भीतर नमी (Moisture) जाने से रोकना। |
| Armouring | Galvanised Steel wire/tape | यांत्रिक झटकों और चोट से सुरक्षा देना। |
अंडरग्राउंड केबल में ‘आर्मरिंग’ (Armouring) परत का मुख्य उपयोग क्या होता है?
Answer: केबल को जमीन के भीतर यांत्रिक आघातों (Mechanical injury) और चोट से बचाना।
4. Common Faults and Troubleshooting in Cables (सामान्य दोष और निवारण)
| Fault / Problem (दोष) | Possible Causes (संभावित कारण) | Troubleshooting Steps (निवारण के चरण) |
|---|---|---|
| Open Circuit Fault | कंडक्टर का बीच से टूट जाना या जल जाना | मल्टीमीटर या मुरे लूप टेस्ट (Murray loop test) से फॉल्ट की सटीक दूरी का पता लगाएं। |
| Short Circuit Fault | दो फेजों के बीच का इंसुलेशन फटने सेसम्पर्क होना | मेगर (Megger) टेस्ट द्वारा इंसुलेशन रेजिस्टेंस जाँचें और केबल का प्रभावित हिस्सा बदलें। |
| Earth Fault | कंडक्टर का लेड शीथ या आर्मरिंग (जमीन) से टच हो जाना | अर्थ फॉल्ट लूप टेस्टर का उपयोग करके फॉल्ट पॉइंट ढूँढें और जोड़ (Joint) ठीक करें। |
5. Applications (व्यापक अनुप्रयोग)
- Urban Power Distribution: शहरों में मुख्य सड़कों के नीचे बिजली और लाइटनिंग सप्लाई पहुँचाने में।
- Substation Crossings: रेलवे क्रॉसिंग और व्यस्त सड़कों के नीचे सुरक्षित रूप से पावर ले जाने में।
- Industrial Plant Feeder Lines: कारखानों के भीतर भारी मशीनों को सुरक्षित डीसी और एसी पावर देने के लिए।
6. ITI Electrician Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Layer Sequence: Remember the order from core outward: Core -> Insulation -> Lead Sheath -> Bedding -> Armouring -> Serving.
- Armouring Material: Made of galvanised steel wire or tape to provide heavy mechanical protection.
- Lead Sheath Purpose: Specifically designed to keep moisture and dampness out of paper or vulnerable insulations.
- Voltage Classifications: Classified into LT, HT, Super Tension, and EHT based on operating voltage limits.
- Fault Testing: Murray Loop Test and Varley Loop Test are standard methods for locating underground cable faults.
7. Conclusion (निष्कर्ष)
Underground Cables ki Layers aur Types विद्युत वितरण प्रणाली का एक अत्यंत उन्नत और महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ITI Electrician के छात्रों को केबल की विभिन्न परतों (आर्मरिंग, बेडिंग, लेड शीथ), उनके वोल्टेज वर्गीकरण तथा फॉल्ट टेस्टिंग की पूरी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।
यह टॉपिक CBT Exam, ट्रेड थ्योरी परीक्षाओं और पावर केबल प्रैक्टिकल के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।