FRL Unit Master
ITI Fitter FRL Unit Master Notes in Hindi:
Filter, Regulator, Lubricator Working Principle & Workshop Guide
(एफआरएल यूनिट: फिल्टर, रेगुलेटर, ल्यूब्रिकेटर कार्य सिद्धांत और कार्यशाला मार्गदर्शिका)
न्यूमैटिक प्रणालियों और एयर टूल्स को कार्य करने से ठीक पहले स्वच्छ, नियंत्रित दबाव वाली और चिकनाईयुक्त वायु प्रदान करने वाली संयुक्त इकाई को FRL Unit (Filter, Regulator, Lubricator) कहा जाता है। ITI Fitter 1st & 2nd Year Theory पाठ्यक्रम के अंतर्गत न्यूमैटिक्स और एयर प्रिपरेशन का यह सबसे मुख्य उपकरण है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम FRL यूनिट के तीनों घटकों—एयर फिल्टर, प्रेशर रेगुलेटर और एयर लाइन ल्यूब्रिकेटर—के व्यक्तिगत कार्यों, संरचना, तथा कार्यशाला में इनके सही क्रम व संचालन का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction and Core Purpose (परिचय और मुख्य उद्देश्य)
कंप्रेसर से आने वाली हवा में धूल के कण, नमी (Water vapor) और जंग के अंश होते हैं, जो न्यूमैटिक मोटरों और वाल्वों को नुकसान पहुँचाते हैं। FRL यूनिट इस हवा को छानकर साफ करती है, इसके दबाव को कार्य आवश्यकतानुसार स्थिर करती है, और अंत में इसमें बारीक तेल की बूंदें मिलाकर उपकरणों को सुरक्षित रखती है। इसका मुख्य उद्देश्य फिटर छात्र में न्यूमैटिक सर्विस यूनिट्स के संयोजन और रखरखाव की तकनीकी दक्षता विकसित करना है।
Core FRL Unit Sequence Principle
Motto: “The FRL unit prepares compressed air by cleaning, regulating, and lubricating it sequentially before reaching pneumatic equipment.”
2. Major Sub-Units of FRL Unit (एफआरएल यूनिट के तीन मुख्य घटक)
1. Air Filter (F)
हवा में मौजूद धूल के कणों और संघनित नमी को सेंट्रीफ्यूगल एक्शन और फिल्टर एलीमेंट द्वारा अलग करना।
2. Pressure Regulator (R)
डायल गेज और स्प्रिंग-डायफ्राम तंत्र द्वारा इनपुट उच्च दबाव को स्थिर और नियंत्रित वर्किंग प्रेशर में बदलना।
3. Lubricator (L)
वेंचुरी प्रभाव (Venturi effect) का उपयोग करके हवा के प्रवाह में बहुत बारीक तेल की बूंदें (Oil mist) मिलाना।
3. Detailed FRL Components & Functions Table (घटक और कार्य तालिका)
| FRL Sub-Unit (घटक) | Internal Mechanism (आंतरिक क्रियाविधि) | Workshop Function (कार्यशाला कार्य) |
|---|---|---|
| Air Filter (F) | Centrifugal deflector vane and porous filter element (Sintered bronze). | ठोस अशुद्धियों और पानी की बूंदों को छानकर नीचे बाउल में इकट्ठा करना और ड्रेन करना। |
| Pressure Regulator (R) | Spring-loaded flexible diaphragm and valve poppet assembly. | लाइन के उतार-चढ़ाव वाले दबाव को स्थिर आउटपुट प्रेशर (जैसे 6 bar) पर बनाए रखना। |
| Lubricator (L) | Sight-dome oil drop controller and Venturi atomization nozzle. | मूविंग न्यूमैटिक पार्ट्स (जैसे एयर मोटर और सिलेंडर्स) को घर्षण से बचाने के लिए लगातार चिकनाई देना। |
न्यूमैटिक सर्किट में FRL यूनिट के घटकों का सही क्रम (Flow Sequence) इनपुट से आउटपुट की दिशा में क्या होता है?
Answer: फिल्टर (Filter) $\rightarrow$ रेगुलेटर (Regulator) $\rightarrow$ ल्यूब्रिकेटर (Lubricator)
4. Step-by-Step FRL Operation and Maintenance Procedure
| Step (चरण) | Procedure Details (प्रक्रिया विवरण) |
|---|---|
| 1. Daily Moisture Drain | फिल्टर बाउल के नीचे दिए गए मैनुअल या ऑटो ड्रेन वाल्व को खोलकर जमा हुआ पानी और कचरा बाहर निकालें। |
| 2. Check Oil Level in Lubricator | ल्यूब्रिकेटर के ट्रांसपेरेंट बाउल में स्पेसिफाइड टरबाइन ऑयल (ISO VG 32) के स्तर की जाँच करें और कम होने पर भरें। |
| 3. Adjust Working Pressure | रेगुलेटर नॉब को घुमाकर प्रेशर गेज पर वांछित ऑपरेटिंग प्रेशर सेट करें और नॉब लॉक करें। |
| 4. Inspect Drip Rate | टूल चलते समय ल्यूब्रिकेटर के साइट-डोम (Sight dome) में तेल की बूंदों की गिरती संख्या (जैसे 1-2 बूंद प्रति मिनट) की निगरानी करें। |
5. Essential Rules for FRL Maintenance and Safety
- Strict Flow Direction: FRL यूनिट को हमेशा उसकी बॉडी पर बने तीर (Arrow mark) की दिशा में ही स्थापित करें; उल्टा लगाने से आंतरिक वाल्व काम नहीं करेंगे।
- Compatible Oil Selection: ल्यूब्रिकेटर बाउल में हमेशा अनुशंसित हल्का खनिज तेल (Light mineral oil) भरें; भारी ग्रीस या ऑटोमोटिव इंजन ऑयल का उपयोग न करें।
- Bowl Material Care: पॉली कार्बोनेट फिल्टर बाउल को कभी भी सिंथेटिक थिनर, ट्राइक्लोरोइथਾਈलें या ए acetone के संपर्क में न लाएं, इससे बाउल चटक सकता है।
6. ITI Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Full Form & Purpose: Stands for Filter, Regulator, and Lubricator, acting as the primary conditioning unit for pneumatic systems.
- Strict Sequence Rule: Air must pass through the Filter first, then the Regulator, and finally the Lubricator.
- Filter Element Material: Usually made of sintered bronze or plastic mesh to trap particles down to 5–40 microns.
- Venturi Principle in Lubricator: Air passing through a restriction creates a low-pressure drop that siphons oil drops into the air stream.
- Tool Longevity: Proper air preparation via FRL unit drastically reduces wear and tear on pneumatic actuators and air tools.
7. Conclusion (निष्कर्ष)
FRL Unit फिटर ट्रेड की न्यूमैटिक्स, पावर टूल्स और कार्यशाला संपीड़ित वायु प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण सैद्धांतिक और प्रायोगिक चैप्टर है। ITI Fitter के छात्रों को इसके तीनों घटकों के कार्यों, सही अनुक्रम, तथा इसके सुरक्षित संचालन एवं रखरखाव के इन सभी नियमों का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए।