Screw Threads Master Notes: Terminology, Elements, Types
ITI Fitter Screw Threads Master Notes in Hindi:
Terminology, Elements, Types & Calculation Guide
(स्क्रू थ्रेड्स: शब्दावली, घटक, प्रकार और गणना – संपूर्ण मार्गदर्शिका)
फिटर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग कार्यशाला में दो पुर्जों को आपस में जोड़ने (Fastening), शक्ति संचारित करने (Power Transmission) तथा गति को नियंत्रित करने के लिए बेलनाकार सतह पर कटी हुई सर्पिल ग्रूव (Helical groove) को Screw Thread (स्क्रू थ्रेड) कहा जाता है। ITI Fitter 1st Year Trade Theory के अंतर्गत थ्रेड्स का यह चैप्टर सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम थ्रेड की महत्वपूर्ण शब्दावली (Terminology), प्रमुख प्रकारों (Metric, BSW, Square, Acme, Buttress), सिंगल व मल्टी-स्टार्ट थ्रेड्स, तथा उनके तकनीकी मापदंडों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction and Core Terminology (परिचय और मुख्य शब्दावली)
थ्रेड्स के अध्ययन और निर्माण के लिए निम्नलिखित तकनीकी पदों (Terms) की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है:
- Pitch (पिच): थ्रेड के किसी बिंदु से लेकर अगले क्रमिक थ्रेड के ठीक उसी बिंदु के बीच की रैखिक दूरी (Distance between adjacent threads)। इसे आमतौर पर मिलीमीटर में मापा जाता है।
- Lead (लीड): एक पूरे चक्कर (360° rotation) में नट या बोल्ट जितनी दूरी आगे बढ़ता है। सिंगल स्टार्ट थ्रेड में Lead = Pitch होता है।
- Crest (क्रेस्ट): थ्रेड का सबसे ऊपरी या बाहरी सिरा (Top surface joining the two flanks)।
- Root (रूट): थ्रेड का सबसे निचला या आंतरिक सिरा (Bottom surface joining the flanks)।
- Flank (फ्लैंक): क्रेस्ट और रूट को मिलाने वाली सीधी सतह (Side surface of the thread)।
- Depth of Thread (थ्रेड की गहराई): क्रेस्ट से लेकर रूट तक की लंबवत दूरी (Perpendicular distance)।
Core Thread Formulas
Multi-Start Thread: Lead = Pitch × Number of Starts (n)
Helix Angle depends on Lead and Mean Diameter of the thread.
2. Major Types of Screw Threads (स्क्रू थ्रेड्स के प्रमुख प्रकार)
1. V-Threads (ISO Metric & BSW)
‘V’ आकार के थ्रेड जिनका उपयोग मुख्य रूप से फास्टनिंग (Bolts, Nuts, Screws) के लिए किया जाता है। मीट्रिक थ्रेड का कोण 60° और BSW का 55° होता है।
2. Square Thread (स्क्वायर थ्रेड)
इसके flanks अक्ष के लंबवत (90°) होते हैं। यह शक्ति (Power) का दोनों दिशाओं में बेहतरीन संचरण करता है। उपयोग: फ्लाइ प्रेस, वा, लेथ लेड स्क्रू।
3. Acme Thread (एक्मे थ्रेड)
यह स्क्वायर थ्रेड का सुधरा रूप है जिसका कोण 29° होता है। इसे बनाना आसान होता है और इस पर स्प्लिट नट आसानी से कार्य करता है। उपयोग: लेथ मशीन लेड स्क्रू।
4. Buttress Thread (बट्रेस थ्रेड)
इसमें एक तरफ का फ्लैंक 90° और दूसरा 45° होता है। यह एक ही दिशा में अत्यधिक उच्च अक्षीय भार (Axial thrust) सहन कर सकता है। उपयोग: जैक, प्रेस मशीन।
3. Detailed Thread Comparison Table (थ्रेड तुलना तालिका)
| Thread Type (थ्रेड का प्रकार) | Included Angle (सम्मिलित कोण) | Primary Application (मुख्य अनुप्रयोग) |
|---|---|---|
| ISO Metric Thread | 60° | सामान्य फास्टनरों, बोल्ट और नट्स (अंतर्राष्ट्रीय मानक)। |
| BSW (British Standard Whitworth) | 55° | ब्रिटिश मानक के अनुसार सामान्य असेंबली और रिपेयरिंग कार्य। |
| Square Thread | 90° (अक्ष के लंबवत) | वाइस स्पिंडल, जैक और पावर ट्रांसमिशन। |
| Acme Thread | 29° | लेथ मशीन के लेड स्क्रू और फीड रॉड। |
| BCC / Worm Thread | 40° / 29° | गियरबॉक्स और वर्म गियर ड्राइव्स में शक्ति संचरण। |
भारतीय मानक (Bureau of Indian Standards – BIS) के अनुसार सामान्य उपयोग वाले आईएसओ मीट्रिक थ्रेड (ISO Metric Thread) का सम्मिलित कोण (Included Angle) कितना होता है?
Answer: 60 डिग्री (60°)
4. Single-Start vs. Multi-Start Threads (सिंगल और मल्टी-स्टार्ट थ्रेड्स)
- Single-Start Thread: इसमें केवल एक ही हेलिक्स ग्रूव होता है। इसके लिए Lead = Pitch होता है। इसका उपयोग सामान्य फास्टनिंग और अधिक होल्डिंग स्ट्रेंथ के लिए होता है।
- Multi-Start Thread (Double/Triple): इसमें दो या दो से अधिक समानांतर थ्रेड्स होते हैं। इससे लीड बढ़ जाती है, जिससे नट को तेजी से आगे (Fast linear movement) बढ़ाया जा सकता है। उपयोग: फाउंटेन पेन कैप, कैमरा लेंस फोकसिंग और त्वरित खुलने वाले मैकेनिज्म।
5. Hand of Threads (थ्रेड की दिशा)
| Thread Hand (दिशा) | Tightening Direction (कसने की दिशा) | Identification & Application (पहचान और उपयोग) |
|---|---|---|
| Right-Hand Thread | दक्षिणावर्त (Clockwise – दाएँ घुमाने पर कसता है) | सामान्यतः सभी बोल्ट और नट्स राइट-हैंड होते हैं। |
| Left-Hand Thread | वामावर्त (Anticlockwise – बाएँ घुमाने पर कसता है) | जहाँ रोटेशन के कारण दाएँ हाथ का नट खुल सकता है (जैसे गैस सिलेंडर वाल्व, टर्नबकल)। |
6. Applications in Fitter and Machine Workshop (कार्यशाला में अनुप्रयोग)
- Machine Assemblies: बोल्ट, स्टड और स्क्रू के माध्यम से मशीन के विभिन्न अंगों को सुरक्षित रूप से जोड़ना।
- Linear Motion: बेंच वाइस, जैक और लेथ लेड स्क्रू के जरिए घूर्णी गति (Rotary motion) को रैखिक गति (Linear motion) में बदलना।
- Precision Adjustment: माइक्रोमीटर और मापने वाले उपकरणों के स्पिंडल में सटीक दूरी तय करना।
7. ITI Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Thread Definition: A screw thread is a ridge of uniform section formed in a helical groove on the external or internal surface of a cylinder.
- Pitch vs Lead: Pitch is the distance between corresponding points on adjacent threads, whereas lead is the linear distance a fastener advances in one complete revolution.
- Metric Angle: ISO Metric threads feature a 60-degree included angle with flat crests and roots.
- BSW Angle: BSW (British Standard Whitworth) threads feature a 55-degree included angle with rounded crests and roots.
- Power Transmission: Square and Acme threads are specially designed for power transmission in machine tools and lifting devices.
8. Conclusion (निष्कर्ष)
Screw Threads फिटर ट्रेड और मैकेनिकल इंजीनियरिंग का सबसे अनिवार्य और व्यापक आधार है। ITI Fitter के छात्रों को थ्रेड की शब्दावली, मीट्रिक व बीएसडब्लू कोणों, स्क्वायर व एक्मे थ्रेड्स के अंतर, तथा सिंगल व मल्टी-स्टार्ट की अवधारणाओं की संपूर्ण तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।