Earthing: Types of Earthing, Pipe Earthing aur Plate Earthing
ITI Electrician Earthing Master Notes in Hindi:
Types of Earthing, Pipe Earthing & Plate Earthing
(अर्थिंग: अर्थिंग के प्रकार, पाइप अर्थिंग और प्लेट अर्थिंग – संपूर्ण मार्गदर्शिका)
विद्युत उपकरणों की मेटैलिक बॉडी पर आने वाले लीकेज करंट को सुरक्षित रूप से जमीन में पहुँचाकर मानव जीवन की रक्षा करने की प्रणाली को Earthing (अर्थिंग) कहा जाता है। ITI Electrician Trade Theory के अंतर्गत विद्युत सुरक्षा और वायरिंग प्रणालियों में इसका अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।
इस विस्तृत मास्टर चैप्टर में हम अर्थिंग के मुख्य प्रकारों, पाइप अर्थिंग, प्लेट अर्थिंग तथा उनके संस्थापन (Installation) की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
1. Introduction to Earthing Systems (अर्थिंग प्रणालियों का परिचय)
किसी भी वैद्युत प्रतिष्ठान में अर्थिंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फॉल्ट के दौरान उत्पन्न होने वाला लीकेज करंट तुरंत जमीन में चला जाए और सर्किट का प्रोटेक्शन डिवाइस (MCB/Fuse) तुरंत ट्रिप हो सके। एक अच्छी अर्थिंग प्रणाली का कुल प्रतिरोध (Earth Resistance) जितना कम होगा, सुरक्षा उतनी ही अधिक मजबूत होगी।
Core Objectives of Earth Pit
Standard Earth Resistance for Domestic Wiring = Below 1 to 5 Ohms
2. Major Types of Earthing (अर्थिंग के प्रमुख प्रकार)
विद्युत संचरण, सब-स्टेशनों और घरेलू वायरिंग में मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रकार की अर्थिंग विधियाँ अपनाई जाती हैं:
1. Pipe Earthing (पाइप अर्थिंग)
सबसे लोकप्रिय और व्यावहारिक विधि। इसमें गैल्वेनाइज्ड आयरन (GI) पाइप को जमीन में गहराई पर ऊर्ध्वाधर (Vertical) गाड़ा जाता है।
2. Plate Earthing (प्लेट अर्थिंग)
इसमें तांबे या जीआई की वर्गाकार प्लेट को जमीन में कम से कम 3 मीटर की गहराई पर स्थापित किया जाता है। भारी लोड के लिए सर्वोत्तम।
3. Strip / Wire Earthing (स्ट्रिप अर्थिंग)
पथरीली या चट्टानी मिट्टी में कम गहराई की खाइयों में पट्टियों या तारों को बिछाकर की जाने वाली अर्थिंग।
4. Rod Earthing (रॉड अर्थिंग)
ठोस तांबे या जीआई छड़ (Rod) को हथौड़े से सीधे जमीन के अंदर धकेलकर की जाने वाली अर्थिंग।
3. Pipe Earthing (पाइप अर्थिंग – संपूर्ण विधि)
Pipe Earthing घरेलू भवनों, मोटरों और सामान्य कार्यशालाओं के लिए सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली विधि है:
- Pipe Size: इसमें सामान्यतः 38 मिमी (1.5 इंच) व्यास और 2.5 मीटर लंबी जीआई पर्फोरेटेड (छिद्रित) पाइप का उपयोग किया जाता है।
- Depth: मिट्टी की नमी के आधार पर इस पाइप को जमीन में 2.5 से 3 मीटर की गहराई तक गाड़ा जाता है।
- Salt & Charcoal: पाइप के चारों ओर नमक (Salt) और चारकोल (Charcoal) की परतों को बारी-बारी से भरा जाता है ताकि मिट्टी में लगातार नमी बनी रहे और प्रतिरोध कम हो।
- Water Funnel: पाइप के ऊपरी सिरे पर एक कीप (Funnel) और जाली लगी होती है जिसके माध्यम से गर्मियों में पानी डाला जाता है।
4. Plate Earthing (प्लेट अर्थिंग – संपूर्ण विधि)
Plate Earthing का उपयोग उच्च क्षमता वाले पावर सब-स्टेशनों, ट्रांसफॉर्मर यार्डों और बड़े उद्योगों में किया जाता है:
- Plate Material & Size: इसमें या तो तांबे की प्लेट (60 सेमी x 60 सेमी x 3 मिमी) या जीआई प्लेट (60 सेमी x 60 सेमी x 6 मिमी) का उपयोग किया जाता है।
- Installation: प्लेट को जमीन में कम से कम 3 मीटर की गहराई पर सीधे (Vertical) स्थिति में रखा जाता है।
- Backfilling: प्लेट के चारों तरफ कम से कम 15 सेमी की मोटाई में नमक, चारकोल और बालू का मिश्रण अच्छी तरह भरकर दबाया जाता है ताकि बेहतरीन अर्थ कांटेक्ट मिल सके।
| Earthing Method (विधि) | Electrode Used (इलेक्ट्रोड) | Standard Depth (मानक गहराई) | Primary Application (मुख्य उपयोग) |
|---|---|---|---|
| Pipe Earthing | जीआई पर्फोरेटेड पाइप (GI Pipe) | 2.5 से 3 मीटर | घरेलू वायरिंग, पंप और सामान्य प्रतिष्ठान। |
| Plate Earthing | तांबा या जीआई प्लेट (Copper/GI Plate) | कम से कम 3 मीटर | भारी पावर सब-स्टेशन और ट्रांसफॉर्मर यार्ड। |
| Rod Earthing | ठोस कॉपर या जीआई रॉड | 2 से 3 मीटर | रेतीली या ढीली मिट्टी, ट्रांसमिशन टावर। |
| Strip Earthing | कॉपर या जीआई स्ट्रिप/वायर | कम गहराई (0.5 मीटर) | पथरीली और चट्टानी मिट्टी (Rocky soil). |
पाइप अर्थिंग या प्लेट अर्थिंग में इलेक्ट्रोड के चारों ओर नमक और चारकोल का उपयोग किस लिए किया जाता है?
Answer: मिट्टी की नमी (Moisture) बनाए रखने और अर्थ रेजिस्टेंस को न्यूनतम करने के लिए।
5. Common Faults and Maintenance (सामान्य दोष और रख-रखाव)
| Fault / Problem (दोष) | Possible Causes (संभावित कारण) | Troubleshooting Steps (निवारण के चरण) |
|---|---|---|
| High Earth Resistance | गर्मी के मौसम में मिट्टी की नमी सूख जाना या नमक का बह जाना | अर्थ फनल के जरिए पर्याप्त पानी और नमक का घोल डालें। |
| Corrosion of Earth Plate/Pipe | अम्लीय मिट्टी के कारण जीआई मेटल में जंग लगना | क्षतिग्रस्त पाइप या प्लेट बदलें और कॉपर-कोटेड विकल्प उपयोग करें। |
| Loose Earth Continuity | अर्थ लीड और नट-बोल्ट का ढीला होना या जंग खाना | कनेक्शन खोलकर साफ करें, ग्रीसिंग करें और टाइट करें। |
6. Applications (व्यापक अनुप्रयोग)
- Domestic Buildings: घरों में सभी 3-पिन सॉकेट्स और मेटल बॉडी अप्लायंसेज की सुरक्षा के लिए पाइप अर्थिंग।
- Power Grid Stations: सब-स्टेशनों पर लाइटनिंग अरेस्टर और हाई-वोल्टेज उपकरणों की सुरक्षा के लिए प्लेट अर्थिंग।
- Industrial Plants: भारी मशीनों और मोटरों को स्टेटिक चार्ज और शॉक से बचाने के लिए समर्पित अर्थ पिट।
7. ITI Electrician Exam ke liye Important Points (परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु)
- Core Purpose: Provides a safe, low-resistance path for fault and leakage currents into the earth.
- Pipe Earthing Spec: Utilizes a 38mm diameter and 2.5m long perforated GI pipe.
- Plate Earthing Spec: Uses a 60x60x3 cm copper plate or 60x60x6 cm GI plate buried at least 3m deep.
- Moisture Maintenance: Salt and charcoal layers are critical for maintaining soil conductivity.
- Periodic Testing: Earth resistance must be checked regularly using an earth tester meter.
8. Conclusion (निष्कर्ष)
Earthing (Types of Earthing, Pipe Earthing aur Plate Earthing) विद्युत सुरक्षा और संस्थापन का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। ITI Electrician के छात्रों को इन अर्थिंग विधियों की बनावट, गहराई तथा उनके रखरखाव की पूरी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए।
यह टॉपिक CBT Exam, ट्रेड थ्योरी परीक्षाओं और वायरिंग प्रैक्टिकल के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।